पाकिस्तान से लॉटरी फ्रॉडः 20 खातों में जमा कराई फर्जीवाड़े की रकम
पाकिस्तान से लॉटरी फ्रॉडः 20 खातों में जमा कराई फर्जीवाड़े की रकम

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पाकिस्तान से हो रहे लाटरी फ्राड के आरोपियों के रिमांड पर लेकर की जा रही पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। आरोपियों ने अभी तक विभिन्न बैंकों में खुले 20 खातों की जानकारी दी है जिनमे फर्जीवाडा़ कर हासिल की गई रकम जमा कराई गई। इनमें से कुछ खाते यूपी के हैं तो कुछ बंगाल व बिहार के हैं।
एटीएस ने अफसरों ने संबंधित बैंकों से इन खातों में हुई लेन-देन की पूरी जानकारी मांगी है। आरोपियों से पूछताछ के दौरान एटीएस ने जमा कराई गई रकम की कुछ रसीदें भी बरामद की हैं। यह रसीदें लगभग 15 लाख रुपयों को जमा किए जाने से संबंधित हैं।
रकम कहां से आई और कहां गई यह पता करने में एटीएस को फिलहाल कामयाबी हासिल नहीं हो सकी है। इसका एक कारण यह है कि अधिकांश रकम एटीएम मशीनों के जरिए जमा की गई और दूसरा कारण यह कि बैंकों से खातों के बारे में अभी तक विस्तृत सूचना हासिल नहीं हो सकी है।
एटीएस को दोनों आरोपियों जय प्रकाश और धीरुद्दीन का तीन दिन का रिमांड हासिल हुआ था। रिमांड अवधि रविवार को समाप्त हो रही है जिसके बाद एटीएस इन दोनों को वापस जेल में दाखिल करा देगी। एटीएस के अफसरों को उम्मीद है कि आरोपियों को वापस भेजने से पहले उसे बैंक खातों की विस्तृत जानकारी हासिल हो जाएगी, जिसके बारे में पूछताछ की जा सकेगी।
अभी तक की पूछताछ में जो जानकारी सामने आई है उसको देखते हुए जांच एजेंसी को यह अंदेशा है कि जिन खातों में रकम जमा हुई उनमें कुछ फर्जी दस्तावेजों पर खोले गए। इसकी तस्दीक की जा रही है। तस्दीक होने की स्थिति में इन खातों को खोलने में मदद करने वाले बैंक कर्मियों की भूमिका भी तय की जाएगी।
गौरतलब है कि पिछले दिनों एटीएस ने पाकिस्तान में बैठे जालसाज भारत में लोगों को सोशल मीडिया के जरिए लॉटरी की बड़ी रकम या गाड़ी निकलने का झांसा देकर जाल में फंसा रहे थे और उनसे विभिन्न खर्चों के नाम पर भारतीय खातों में पैसे जमा करा लिए जाने के मामले का खुलासा किया था।
पता चला था कि जिन खातों में पैसे जमा कराए जाते थे, उसकी व्यवस्था जय प्रकाश और धीरुद्दीन करते थे। इसके बाद पाकिस्तानी हैंडलर के इशारे पर रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी जाती थी।
रकम कहां से आई और कहां गई यह पता करने में एटीएस को फिलहाल कामयाबी हासिल नहीं हो सकी है। इसका एक कारण यह है कि अधिकांश रकम एटीएम मशीनों के जरिए जमा की गई और दूसरा कारण यह कि बैंकों से खातों के बारे में अभी तक विस्तृत सूचना हासिल नहीं हो सकी है।
एटीएस को दोनों आरोपियों जय प्रकाश और धीरुद्दीन का तीन दिन का रिमांड हासिल हुआ था। रिमांड अवधि रविवार को समाप्त हो रही है जिसके बाद एटीएस इन दोनों को वापस जेल में दाखिल करा देगी। एटीएस के अफसरों को उम्मीद है कि आरोपियों को वापस भेजने से पहले उसे बैंक खातों की विस्तृत जानकारी हासिल हो जाएगी, जिसके बारे में पूछताछ की जा सकेगी।
अभी तक की पूछताछ में जो जानकारी सामने आई है उसको देखते हुए जांच एजेंसी को यह अंदेशा है कि जिन खातों में रकम जमा हुई उनमें कुछ फर्जी दस्तावेजों पर खोले गए। इसकी तस्दीक की जा रही है। तस्दीक होने की स्थिति में इन खातों को खोलने में मदद करने वाले बैंक कर्मियों की भूमिका भी तय की जाएगी।
गौरतलब है कि पिछले दिनों एटीएस ने पाकिस्तान में बैठे जालसाज भारत में लोगों को सोशल मीडिया के जरिए लॉटरी की बड़ी रकम या गाड़ी निकलने का झांसा देकर जाल में फंसा रहे थे और उनसे विभिन्न खर्चों के नाम पर भारतीय खातों में पैसे जमा करा लिए जाने के मामले का खुलासा किया था।
पता चला था कि जिन खातों में पैसे जमा कराए जाते थे, उसकी व्यवस्था जय प्रकाश और धीरुद्दीन करते थे। इसके बाद पाकिस्तानी हैंडलर के इशारे पर रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी जाती थी।

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