समसामयिकीः यह प्रारंभिकी परीक्षा का सबसे महत्वपूर्ण खंड है, जिसमें औसतन 20-28 प्रश्न पूछे जाते हैं। इसके लिए पिछले एक वर्ष की समसामयिकी पर्याप्त रहेगी लेकिन परीक्षा आयोजन के पहले के छः महीने पूर्व की समसामायिकी पर विशेष फोकस करें।
इतिहास: यह प्रारंभिक परीक्षा का दूसरा महत्वपूर्ण खंड है, जिसके तीन भाग हैं प्राचीन इतिहास, मध्यकालीन भारत और आधुनिक भारत। इन भागों में वरीयता के क्रम के बारे में बात की जाए तो सबसे ज्यादा आधुनिक भारत उसके पश्चात् प्राचीन काल और उसके पश्चात् मध्यकालीन भारत को महत्व देना है। हालांकि 2018 की प्रारंभिक परीक्षा में मध्यकाल के प्रश्न ज्यादा थे परंतु पिछले कई वर्षों का औसत निकाला जाए तो आधुनिक भारत से ही सर्वाधिक प्रश्न आते हैं। प्राचीन भारत के लिए एनसीईआरटीई, मध्यकालीन भारत एस के पांडे व आधुनिक भारत के लिए स्पेक्ट्रम आधुनिक भारत का अध्ययन करें।
भूगोल: यह प्रारंभिक परीक्षा का तीसरा महत्वपूर्ण खंड है जिसमें भारत का भूगोल और विश्व भूगोल को मिलाकर औसतन 20-25 प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें आपको सर्वाधिक महत्व भारत के भूगोल को देना है, जिनमें भारतीय नदियां, भारतीय मिट्टियां, भारत के आर्थिक भूगोल और भारत में ऊर्जा के परिदृश्य जैसे टॉपिक्स पर अत्यधिक ध्यान केंद्रित करना होगा।
सामान्य विज्ञानः इसके मुख्यतः तीन भाग हैं - भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, और जीव विज्ञान। सर्वाधिक समय जीव विज्ञान उसके बाद भौतिक विज्ञान और उसके बाद रसायन विज्ञान को देना है। आप जीव विज्ञान में मानव रचना एवं क्रिया विज्ञान, रोग एवं उपचार पर अत्यधिक फोकस करें, वहीं भौतिक विज्ञान में गुरुत्व के अधीन गति, प्रकाश, ऊष्मा, तरंग गति, ध्वनि, विद्युत धारा इत्यादि खंड़ों पर ध्यान देना सही रहेगा। तीनों खंडों की तैयारी के लिए लूसेंट सामान्य विज्ञान के नोट्स पर्याप्त हैं।
ये भी पढ़ें- चैन से सो जाएं और लाखों रुपये कमाएं, जानें कैसेभारतीय राजव्यवस्थाः इस खंड से औसतन 10-15 प्रश्न पूर्व वर्षों में पूछे गए हैं, राजव्यवस्था में अनुच्छेद 1 से 51 तक, राष्ट्रपति, संसद, उच्चतम न्यायालय, संविधान संशोधन, पंचायती राज्य केंद्र राज्य संबंध इत्यादि टॉपिक महत्वपूर्ण हैं।
अर्थशास्त्र: इस खंड से औसतन 10-15 प्रश्न पूछे जाते हैं, जिसमें पारंपरिक अर्थशास्त्र के साथसाथ अर्थव्यवस्था के समसामयिकी के मददों का भी अध्ययन आवश्यक है। अर्थशास्त्र में मुद्रा एवं बैंकिंग, उद्योग, गरीबी, राष्ट्रीय आय, अंतरराष्ट्रीय संगठन व संस्थाएं एवं सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित करें।
जनगणनाः इस खंड में औसतन 7-10 प्रश्न पिछले वर्षों में आये हैं, जिनमें भारत की जनगणना, उत्तर प्रदेश की जनगणना और विश्व जनगणना को क्रमशः महत्व दें।
पर्यावरणः वर्तमान परीक्षा प्रणाली में इस खंड का महत्व दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। इस खंड के लिए तैयारी पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी परीक्षा वाणी प्रकाशन पर्याप्त है।
उत्तर प्रदेश राज्य विशेषः इस खंड में उ.प्र. की कला एवं संस्कृति, जनजातियां, खनिज संसाधन, नदियां बांध इत्यादि से जुड़े हुए प्रश्न पूछे जाते हैं। इन प्रश्नों की तैयारी के लिए घटना चक्र प्रकाशन की उपयोगी सिद्ध होगी। नोट यूपीपीएससी में पूर्व मे आये हुए प्रश्नों का विशेष महत्व रहता है इसलिए पिछले 10 वर्षों के प्रश्नों को जरुर हल करें।
No comments: