जम्मू-कश्मीर के सार्वजनिक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग, सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण विभाग का नाम बदलकर ‘जल शक्ति विभाग’ रखा गया
जम्मू-कश्मीर के सार्वजनिक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग, सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण विभाग का नाम बदलकर ‘जल शक्ति विभाग’ रखा गया
जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा सार्वजनिक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग, सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण विभाग का नाम बदलकर ‘जल शक्ति विभाग’ रखा गया है। यह कार्य लेफ्टिनेंट जनरल जी.सी. मुर्मू की अध्यक्षता में प्रशासनिक परिषद द्वारा लिया गया। प्रशासनिक परिषद् ने जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन को मंज़ूरी दी है, इसके तहत जम्मू-कश्मीर में दिसम्बर, 2021 तक सभी घरों को पाइप के द्वारा पेयजल द्वारा उपलब्ध करवाया जाएगा। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए मिशन निदेशालय की स्थापना की जायेगी। इस योजना के शुरूआती चरण में जून, 2020 तक जम्मू-कश्मीर के सात जिलों में पाइप द्वारा 100% पेयजल की आपूर्ति की जायेगी।
जल जीवन मिशन
देश के आधे घरों में पाइप के द्वारा जल उपलब्ध नही है, इसलिए अगले पांच वर्षों में देश के सभी घरों तक पाइप के द्वारा जल पहुंचाने के लिए काफी प्रयास की आवश्यकता है। इसके लिए केंद्र और राज्य मिलकर कार्य करेंगे। गौरतलब है कि इस योजना पर 3.5 लाख करोड़ रुपये व्यय किये जायेंगे।
इस योजना में भूमिगत जल रिचार्ज, जल वर्ष संरक्षण, घरेलु उपयोग में इस्तेमाल किये गये जल का कृषि ने पुनः उपयोग करना भी शामिल है। यह मिशन स्वच्छता मिशन की भाँती एक जन आन्दोलन है, जल संरक्षण के लिए सभी लोगों को प्रयास करने की आवश्यकता है।
सरकार ने 2024 तक देश के सभी घरों तक पाइप के द्वारा जल उपलब्ध करवाने का लक्ष्य रखा है, इसके लिए नए जल शक्ति मंत्रालय का गठन किया गया है।

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